BAROSANYA/BARAHI MATA
बारोसण्यां /बरही माता
यह स्थान सकराय माताजी से दक्षिण पूर्व मे सकराय से 5 K. M दुर पहाड़ की दुसरी तरफ की ढलान की एक उपत्यका (घाटी) के मध्य स्थित है, जहाँ गुफानुमा बने मन्दिर मे भगवती बाराही की प्रतिमा विराजमान है।यह स्थान हरियाली से अच्छादित पहाड़ी के मध्य स्थित है, मन्दिर के आस पास आम के बहुत पेड है ।मन्दिर का रास्ता पहाड़ी ओर पत्थरीला है चढ़ाई थोड़ी कठिन है पर प्राकृतिक नजारा ओर वन्य जीव को देखते देखते थकान महसुस नही होती।
सकराय माताजी की गद्दी पर बैठने वाले महन्त का कर्ण छेदन संस्कार भी बारोसण्यां के नाथ ही करते हैं। प्राचीन शास्त्र अनुसार ये मन्दिर हजारो साल पुराना है।यह भी कहा जाता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी ने यहाँ तप किया था यहाँ रात्रि विश्राम की व्यवस्था है ओर अगर आप कच्चा अनाज अपने साथ लेकर जाते है तो भोजन बनाने की भी पुरी व्यवस्था है