नाथ सम्प्रदाय :-
ऐसा अनुमान है कि 13 वी शती (वि.) के उतरार्द्ध से शाकम्भरी माता जी का मन्दिर नाथ सम्प्रदाय के अघिकार मे है।इस गड्डी पर बैठने वाले को अविवाहित रह कर भगवती की सेवा करने की परम्परा है।महंत अपना उत्तराधिकारी चुनने के लिय् पुर्ण स्वतन्त्र है
- शिवनाथ जी महाराज के बाद
- सरधानाथ जी
- सुरतनाथ जी
- बालनाथ जी
- ईसरनाथ जी
- आसानाथ जी
- भवानीनाथ जी
- कर्णीनाथ जी
- पीथलनाथ जी
- धर्मनाथ जी
- श्योजीनाथ जी
- दयानाथ जी (प्रथम)
- पृथ्वीनाथ जी
- धुनीनाथ जी
- शिवनाथ जी ( द्वितीय)
- गुलाबनाथ जी
- बालकनाथ जी
- दयानाथ जी